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10 April 2022

classification of power amplifier | class a amplifier efficiency | Compare class a b c ab amplifier | class c amplifier efficiency

Power Amplifier का वर्गीकरण:-

  • Class A Power Amplifier
  • Class B Power Amplifier
  • Class C Power Amplifier
  • Class AB Power Amplifier

Class A Power Amplifier:-

एम्पलीफायर के वर्गीकरण के अनुसार क्लास A पावर एम्पलीफायर में आउटपुट सिग्नल, इनपुट सिग्नल के पुरे चक्र (360) के लिए प्राप्त होता है इसके लिए Q-पॉइंट को आउटपुट लिया गया है।  
क्लास A पावर एम्पलीफायर में कंडक्शन एंगल 360 लिया जाता है एम्पलीफायर की efficiency 25 % ~ 50% तक होती है 

compare class a and class b power amplifier

क्लास A एम्पलीफायर में पूरा एक चकर 360 का होता है अर्थात ग्राफ में इसको S के आकर में देखा जा सकता है जो नीचे पिक्चर में दिखाया गया है 

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fig = Class A power amp.

In this power amplifier output signal conduct for complete cycle (360) for this the operating point (Q-Point) must fixed at the middle of output.

difference between class b and class c amplifier

Class B Power Amplifier:-

Class B पावर एम्पलीफायर में आउटपुट सिग्नल, इनपुट सिग्नल के हाफ साइकिल (180) की प्राप्त होती है 
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इसके लिए ऑपरेटिंग पॉइंट को आउटपुट अभिलक्षणो के एक सिरे पर रखा जाता है। 
कंडक्शन एंगल 180  अंस का लिया जाता है जिस पर efficiency 78.5% होती है। 


fig = Class b power amp.

In this power amplifier output signal conducts only for half cycle (180) for this operating point (Q-Point) must be fixed at one end.

Class AB Power Amplifier:-

क्लास ab पावर एम्पलीफायर में आउटपुट सिग्नल, इनपुट सिग्नल के आधे से अधिक किन्तु पुरे से कम भाग के बीच प्राप्त होता है इसके लिए ऑपरेटिंग पॉइंट को मध्य व्यस्थित ना करके किसी एक सिरे के निकट स्थित करते है। 
क्लास ab पावर एम्पलीफायर में एंगल को 180 से अधिक परन्तु 360 से कम लिया जाता है। इस एम्पलीफायर में एफिसिएंसी को 50 % से 78.5% लिया जाता है। 

fig = Class AB power amp.

In this power amplifier output conduct for more than half cycle but less then complete cycle for this operating point must be fixed near in to the end.

Class C Power Amplifier:-

इसके आउटपुट सिग्नल इनपुट चक्र के आधे से भी कम चक्र में प्राप्त होता है अर्थात (180) से भी कम लिया जाता है। 
इस एम्पलीफायर में आउटपुट साइकिल 180 से भी कम होती है। अर्थात Ө का मान 180 डिग्री साइकिल से कम होती है। 

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fig = class c power amp

In this output conducts for less then half cycle (180).
c क्लास पावर एम्पलीफायर में साइकिल का चक्र 360 के आधे भाग 180 से भी कम का होता है इसमें 

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power amplifier | Transistor amplifier | difference between voltage amplifier and power amplifier|

Power Amplifier / Large signal amplifier / Transistor amplifier:-

Transistor Amplifier:-

एक ट्रांजिस्टर एम्पलीफायर जो ऑडियो आवृत्ति के शक्ति स्तर को बढ़ाता है उसे ट्रांजिस्टर ऑडियो पावर एम्पलीफायर कहा जाता है।

एक ट्रांजिस्टर बह डिवाइस/सर्किट होता है जिसके द्वारा ध्वनि की रेंज पावर को बढ़ाकर आगे फॉरवर्ड करता है जिस कारन लाउडस्पीकर के द्वारा ध्वनि को प्राप्त किया जा सके। 

A Transistor amplifier which increase the power level of audio frequency is called transistor audio power amplifier.
fig = Power Amplifier

वोल्टेज एम्पलीफायर और पावर एम्पलीफायर के बीच अंतर -:-
difference between voltage amplifier and power amplifier-:-

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Voltage Amplifier-:- 

यह अधिकतम वोल्टेज प्रवर्धन प्राप्त करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इसमें छोटे आकार के ट्रांजिस्टर का प्रयोग किया जाता है।
 इस ट्रांजिस्टर में उच्च बीटा का उपयोग किया जाता है (वर्तमान लाभ का उपयोग किया जाता है)
इसमें आरसी कपलिंग का उपयोग किया जाता है। 
 यह सेट कम काम करता है।

Power Amplifier-:- 

इसे पावर एम्पलीफायर के लिए डिज़ाइन किया गया है। 
इसमें उच्च आकार के ट्रांजिस्टर का उपयोग किया जाता है। 
इसमें कम बीटा वर्तमान लाभ के साथ ट्रांजिस्टर का उपयोग किया जाता है। 
इसमें ट्रांजिस्टर युग्मन का उपयोग किया जाता है। 
 यह सेट हाई संचालित करता है।

fig = Different circuit

Maximum power transfer theorem-:- 

Impedance-:- इसे x से प्रदर्शित करते है। Ac के case में जो होता है वही impedance कहलाता है।
अगर source resistance  load resistance के बराबर है तो उसे impedance maching कहते है।

नेटवर्क से प्राप्त आउटपुट पावर अधिकतम होती है जब लोड प्रतिरोध RL स्रोत प्रतिरोध RS के बराबर होता है।

Rs = RL

Rs = Source resistance
RL = load resistance

Collector efficiency of power amplifier:-

पावर एम्पलीफायर से प्राप्त A.C आउटपुट पॉवर तथा पावर एम्पलीफायर को बैटरी द्वारा सप्लाई की गयी D.C पॉवर के अनुपात को उसकी कलेक्टर efficiency कहा जाता है। 
कलेक्टर efficiency को ईटा (η) से प्रदर्शित किया जाता है। 

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η = output ac  power / input dc power 

η = Po (a.c) / Pi (d.c)

η = Po / Vcc Icq

where:-

η = collector efficiency
Vcc = D.C. Supply village
Icq = collector धारा का Q -Point 

Collector धारा का Q - पॉइंट को एम्पलीफायर के क्लास ग्राफ में प्रदर्शित किया जाता है क्यू पॉइंट ग्राफ के डिज़ाइन के मध्य भाग को माना जाता है 

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22 February 2022

rc coupled amplifier working | Transformer coupled amplifier | direct coupling |

 कपलिंग क्या है। और इसका उपयोग :-

Coupling:- 

एक मल्टीस्टेज एम्पलीफायर में कई सिंगल स्टेज एम्पलीफायर  कैस्केड (सीरीज) में जुड़े होते हैं जो पहले चरण (स्टेज) के आउटपुट को उपयुक्त कपलिंग डिवाइस के माध्यम से दूसरे चरण (स्टेज) के इनपुट से जोड़ा जाता है। इसी प्रकार सभी एम्प्लीफायर को एक के बाद एक सीरीज में कपलिंग की मदद से कनेक्ट करते जाते है। इन कपलिंग का उपयोग जब तक किया जाता है जब तक आप कोई एम्प्लीफायर या डिवाइस/सर्किट को इससे कनेक्ट करते है।

(In a multistage amplifier a number of single stage amplifier are connected in cascade.i.e output of 1st stage are connected to the input of second stage through suitable Coupling device.) 

Amplifier को आपस में कनेक्ट करने के लिए निम्न 3 प्रकार के कपलिंग का इस्तमाल किया जाता है। जो इस प्रकार है।
rc coupled amplifier working
fig = Coupling Types

12 February 2022

multistage amplifier | multi stage amplifier

 Multistage Amplifier क्या है। :-

Multistage Amplifier :-

जब एक से अधिक transistor का उपयोग एक कमजोर  सिग्नल को amplify करने के लिए किया जाता है तो वह multistage amplifier कहलाता हैं।

When more than one transistor is used to amplify a weak signal it is called as multistage amplifier.

Working-:-

Multistage amplifier मे जब सिंगल स्टेज एम्प्लीफायर को एक के बाद एक करके जोड़ा जाता है तो पहले वाले स्टेज को मिलने वाली इनपुट को amplify करने के बाद उसे सेकेंडरी स्टेज के लिए इनपुट प्रदान करता है और यही प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है। तथा लास्ट में आउटपुट पर एक पूर्ण amplify signal प्राप्त होता है। 

मल्टी स्टेज amplifier को इस ब्लॉक डायग्राम की सहायता से समझा जा सकता है। 

Block diagram of multistage amplifier-:-

fig = Block diagram of multistage

इस ब्लॉक डायग्राम में 3 सिंगल स्टेज amplifier को एक साथ जोड़ा गया है जिसमे प्रथम स्टेज को A1, second स्टेज को A2 तथा लास्ट स्टेज को A3 माना गया है। 

स्टेज A1 के लिए इनपुट Vi, second स्टेज A2 के लिए इनपुट V1 तथा A3 के लिए इनपुट V2  ko लिया गया है।

जब एक से अधिक स्टेज सीरीज में लगे हो तब weak signals अधिक amplify होगा।

11 February 2022

h parameter । hybrid parameters ।

 H-Parameter (Hybrid Parameter क्या है।)

H-Parameter:-

H parameter के fig 1 में पोर्ट 1 आउटपुट तथा पोर्ट 2 को इनपुट मे दर्शाया गया है इसी प्रकार fig 2 में Ii और Io को इनपुट 1 और 2 माना गया है।
जहां -
i को धारा 
V को वोल्टेज माना है 

H parameter में इन दो समीकरण का उपयोग बहुत ही महत्वपूर्ण है जो निम्नलिखित हैं।

V1 = h11.i1+h12.V2i2 
I2 = h21.i1+h22.V2

Case 1st -:-

when V2 = 0, output port short circuit

V1 = h11.i1+h22*0
i2 = h21.i1+h22*0
h11 = V1/i1 = hi (input resistance)
unit = Ω
h21 = i2/i1 = hf (forward current ratio)
unit = unit-less